रुद्राक्ष की उत्पत्ति, महत्व और धारण विधि-सम्पूर्ण जानकारी

रुद्राक्ष की उत्पत्ति, महत्व और धारण विधि – सम्पूर्ण जनकारी
रुद्राक्ष भगवान शिव का पवित्र बीज माना जाता है।
हिंदू धर्म में इसे शक्ति, सुरक्षा और अध्यात्म का प्रतीक समझा जाता है।
इसकी उत्पत्ति और महत्व का वर्णन कई पुराणों में मिलता है।
रुद्राक्ष की उत्पत्ति कैसे हुई?
पुराणों के अनुसार जब भगवान कलाग्नि रुद्र ने त्रिपुरासुर नामक दैत्य का नाश करने के लिए हजारों वर्षों तक अपनी आँखें बंद रखीं, तब उनकी आँखों से गिरी आँसुओं की बूंदें पृथ्वी पर गिरकर रुद्राक्ष वृक्ष में परिवर्तित हो गईं।
इन्हीं वृक्षों के फल से रुद्राक्ष की प्राप्ति होती है।
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रुद्राक्ष धारण करने का महत्व
रुद्राक्ष धारण करना आध्यात्मिक, मानसिक और ऊर्जात्मक रूप से शुभ माना जाता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार:
पापों का क्षय होता है
पुण्य की वृद्धि होती है
मन शांत और स्थिर होता है
ध्यान और जप का फल बढ़ता है
रुद्राक्ष मात्र दर्शन से भी सौ गुना पुण्य मिलता है, और जप करने से अनंत गुना फल कहा गया है।
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रुद्राक्ष के प्रकार (वर्ण के अनुसार)
धार्मिक वर्णन में रुद्राक्ष चार प्रकार का बताया गया है—
ब्राह्मण: श्वेत वर्ण
क्षत्रिय: रक्त वर्ण
वैश्य: पीत वर्ण
शूद्र: कृष्ण वर्ण
हालाँकि आधुनिक समय में सभी लोग किसी भी प्रकार का रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं।
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रुद्राक्ष धारण करने की विधि
पौराणिक ग्रंथों में रुद्राक्ष धारण की अलग-अलग विधियाँ बताई गई हैं। परंपरागत रूप से:
शिखा में – 1
सिर पर – 3
गले में – 36
बाहुओं में – 16-16
कलाई में – 12
कंधों पर – 50
यज्ञोपवीत – 108 रुद्राक्ष
कंठ में 2, 5 या 7 लड़ी की माला भी पहनी जा सकती है।
मुकुट, कर्णफूल, हार, बाजूबंद, कड़े और करधनी में भी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना गया है।
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कितने रुद्राक्ष पहनना चाहिए?
पौराणिक कथनों के अनुसार—कितने रुद्राक्ष पहने,
रुद्राक्ष संख्या
300 रुद्राक्ष – अधम
500 रुद्राक्ष – मध्यम
1000 रुद्राक्ष – उत्तम
आधुनिक जीवन में लोग सामान्यतः 1, 5, 7 या 108 दानों की माला धारण करते हैं।
निष्कर्ष
रुद्राक्ष आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और धार्मिक साधना का महत्त्वपूर्ण साधन माना गया है। इसकी उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से होने की मान्यता इसे और भी पवित्र बनाती है। सही विधि से रुद्राक्ष धारण करने पर शुभ फल की प्राप्ति होती है।
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हर हर महादेव 🌹🙏
ReplyDeleteKnowledgeable post
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteहर हर महादेव🙏उत्तम प्रस्तुति
ReplyDeleteJai shiv shankar
ReplyDeleteहर हर महादेव 🌹🙏
ReplyDeleteॐ नमः शिवाय 🌹🙏
ReplyDeleteSpiritually enriching and well-written post.
ReplyDeleteThe divine energy of Rudraksha is well presented here.
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